October 20, 2021

सरकारी शिक्षक था सॉल्वर गैंग का लीडर

 आगरा 

टूंडला के गांव जाजपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय का सहायक अध्यापक वीनू सॉल्वर गैंग का सरगना निकला। पुलिस का कहना है कि उसने सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल के सहायक अध्यापक की भर्ती परीक्षा में सॉल्वर भूपेश को परीक्षा देने के लिए भेजा था। उसके पकड़े जाने के बाद मंगलवार को वीनू भी अभ्यर्थी भुवनेश्वर सहित गिरफ्तार कर लिया गया।

थाना लोहामंडी के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि वीनू फिरोजाबाद के गांव फतेहपुर का रहने वाला है। गांव लुहारी निवासी भुवनेश्वर के स्थान पर उसने खंदौली निवासी भूपेश को परीक्षा देने भेजा था। शिवालिक कैंब्रिज कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एसओजी प्रभारी कुलदीप दीक्षित ने मुखबिर की सूचना पर उसे पकड़ लिया था। उससे पूछताछ में वीनू का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस वीनू तक पहुंच गई। उसे राजामंडी रेलवे स्टेशन के पास से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पता चला कि भुवनेश्वर ने वीनू से परीक्षा में पास कराने के लिए बात की थी। इसके लिए चार लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। एक लाख रुपये वीनू को दे दिए थे।

सॉल्वर की मदद से खुद बना अध्यापक

वीनू ने पूछताछ में बताया कि वह खुद सॉल्वर बैठाकर सहायक अध्यापक बना है। वर्ष 2019 में एक सॉल्वर को बैठाकर अपनी परीक्षा दिलाई थी। इसमें पास हो गया था। वर्ष 2020 में उसकी नौकरी लग गई। वह हिंदी तक ठीक से नहीं लिख पाता है। पुलिस ने उससे एक शब्द लिखाया, लेकिन वह लिख नहीं सका।


फर्जीवाड़ा

छह साल से परीक्षाओं में बैठ रहा सॉल्वर

पुलिस ने बताया कि वीनू तकरीबन छह साल से विभिन्न विभागों में परीक्षा में सॉल्वर बैठा रहा है। वह पहले निजी तौर पर शिक्षण कार्य करता था। वहीं तैयारी करने वाले छात्र भी संपर्क में थे। वह उन्हें रुपयों का लालच देता था। दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने के लिए तैयार करता था। फिरोजाबाद स्थित आरटीओ आफिस के बाहर एक दुकान पर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। उसने शिक्षा, पुलिस और न्याय प्रशासन में 30 से अधिक कर्मचारियों की भर्ती कराई है। परिवार में तीन लोगों के पुलिस विभाग में होने की जानकारी मिली है।

पुलिस को मिली नौकरी करने वालों की सूची

सॉल्वर की मदद से भर्ती होने वालों की सूची पुलिस को मिल गई है। पुलिस अब आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। वर्ष 2015 में पुलिसभर्ती में थाना छत्ता पुलिस ने सॉल्वर को गिरफ्तार किया था। तब वीनू उर्फ महिपाल का नाम सामने आया था। उसका नाम मुकदमे में भी खोला गया था। मगर, पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई थी। मुकदमे से वीनू का नाम निकाल दिया गया था। वीनू के परिवार में पत्नी, बच्चों के साथ ही एक भाई और दो बहन हैं। उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है।



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